खोखरा में अखंड हरि कीर्तन सप्ताह में उमड़ा भक्तिरस, भजनों पर झूमे श्रद्धालु
गायिका अनिता जांगिड़ ने बांधा समां, भीड़ के आगे छोटा पड़ा पंडाल
रिपोर्टर – नवनीत राय ‘रुचिर’, सोजत
सोजत। निकटवर्ती खोखरा गांव में आयोजित 31वें अखंड भजन हरि कीर्तन सप्ताह समारोह में भक्ति और आस्था का अनुपम संगम देखने को मिला। राजस्थान की सुप्रसिद्ध भजन गायिका अनिता जांगिड ने गुरु महिमा के साथ भजन संध्या का आगाज किया और एक के बाद एक सुमधुर भजनों की ऐसी सरिता बहाई कि श्रद्धालु देर रात तक भक्तिरस में झूमते रहे।
अनिता जांगिड ने लीलण, रामदेवजी, खेतलाजी, ‘खोल भरम रो ताळो’ और देवनारायण सहित विभिन्न देवी-देवताओं की महिमा से ओतप्रोत भजनों की प्रस्तुतियां देकर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। उनके सुमधुर स्वरों और भक्तिमय प्रस्तुतियों पर पंडाल बार-बार तालियों से गूंज उठा। देर रात तक चले भजनों के बावजूद श्रद्धालु अपनी जगह पर डटे रहे और पूरा खोखरा गांव भक्ति के रंग में रंगा नजर आया।
भजन गायिका लक्षिता नाथ ने भी एक से बढ़कर एक भजनों की प्रस्तुति देकर कार्यक्रम में समां बांध दिया। उन्होंने ‘सांवरा आवे तो सही’, रामदेवजी के भजन तथा ‘सालासर के मंदिर में हनुमान बिराजे रे’ सहित अनेक भजनों की प्रस्तुतियां दीं, जिन पर श्रद्धालुओं ने जमकर आनंद लिया। स्थानीय एवं बाहर से आए अन्य कलाकारों ने भी लोकगीत और राजस्थानी गीतों की प्रस्तुतियों से श्रोताओं को देर रात तक बांधे रखा।
समारोह में श्रद्धालुओं की भीड़ इतनी उमड़ी कि सप्ताह समिति द्वारा लगाया पंडाल भी छोटा पड़ गया। बड़ी संख्या में लोगों ने आसपास के घरों की छतों पर बैठकर भजनों का आनंद लिया। ऊभ छठ पर्व के कारण महिलाओं की उपस्थिति विशेष रूप से अधिक रही। आसपास के गांवों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे और आधी रात तक भक्ति की इस सरिता में गोते लगाते रहे।
मीडिया से जुड़े युवा पत्रकार गोपाल सिंह खोखरा के अनुसार अनिता जांगिड के पहली बार वासुदेव नगरी खोखरा आगमन पर उनका भव्य स्वागत किया गया। भेरूजी मंदिर से हनुमान मंदिर तक ढोल-नगाड़ों के साथ सप्ताह समिति एवं समस्त ग्रामवासियों ने उनका बहुमान किया। गांव की माताओं-बहनों ने अनिता जांगिड को माला एवं साफा पहनाकर आत्मीय स्वागत किया, वहीं अनेक बालिकाओं ने उन्हें विभिन्न उपहार भेंट किए।
भजन संध्या के दौरान देर रात तक गूंजती तालियों, जयकारों और भक्तिमय स्वरलहरियों ने पूरे वातावरण को धर्ममय बना दिया। अखंड हरि कीर्तन सप्ताह के इस आयोजन ने खोखरा को मानो भक्ति की नगरी में बदल दिया।










