राजस्थानी लेखिका संस्थान (रालेस) के तत्वावधान में
राजस्थानी भाषा का सालीणो-उछब का आयोजन 27 को जयपुर में
जयपुर ।
राजस्थानी भाषा और साहित्य को समर्पित संस्था ‘राजस्थानी लेखिका संस्थान (रालेस)’ द्वारा 27 जून शनिवार को जयपुर के झालाना डूंगरी स्थित ‘प्रौढ़ शिक्षण समिति’ के सभागार में वार्षिक महोत्सव ‘सालीणो-उछब’ का आयोजन किया जाएगा। इसमें राजस्थानी भाषा को समर्पित साहित्यिक गतिविधियां आयोजित होंगी।
देश के ख्यातनाम ललित निबंधकार सत्यदेव संवितेंद्र के मुख्य आतिथ्य, वरिष्ठ साहित्यकार दमयंती कच्छावाहा की अध्यक्षता एवं भारतीय राजस्व सेवा के अधिकारी दिनेश कुमार जांगिड़ “सारंग” के विशिष्ठ आतिथ्य में समारोह का आगाज होगा। साहित्यकार राजवीर सिंह चळकोई मुख्य वक्ता रहेंगे। स्वागत उद्बोधन संस्था अध्यक्ष वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. शारदा कृष्ण का रहेगा ।
वरिष्ठ कवि डॉ. घनश्याम नाथ कच्छावाहा की अध्यक्षता व वरिष्ठ साहित्यकार मनीषा आर्य सोनी के विशिष्ठ आतिथ्य में डॉ. शारदा कृष्ण की पुस्तक ‘घर कीं कैवणो चावै’ और जीनश कंवर की पुस्तक ‘रेत नै बणा आरसी’ का लोकार्पण व चर्चा होगी। इस सत्र का संचालन लेखिका संतोष चौधरी करेंगी । समारोह में प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से आमंत्रित युवा कवयित्रियाँ अधिता (बीकानेर), अनीता सैनी (सीकर), अवंतिका (ब्यावर), जेठानंद पंवार (बाड़मेर), कपिला पालीवाल (जयपुर), गजराज कंवर (नागौर), मीनाक्षी पारिक (रिंगस), कृप गौड़ (जयपुर) आदि राजस्थानी भाषा में काव्य पाठ करेंगी। संचालन वरिष्ठ कवयित्री कामना राजावत करेंगी।
सुनामधन्य वरिष्ठ साहित्यकार राजेंद्र मोहन शर्मा, सुप्रसिद्ध वरिष्ठ कवयित्री डॉ. आशा पांडे ओझा और नामी गज़लकार डॉ. सुशीला शील की गरिमामयी उपस्थिति में महोत्सव का समापन होगा। संचालन युवा लेखिका मधुर परिहार (जोधपुर) करेंगी ।
कार्यक्रम संयोजिका वरिष्ठ साहित्यकार मोनिका गौड़ ने जानकारी देते हुए बताया कि राजस्थानी लेखिका संस्थान राजस्थानी भाषा में साहित्य सृजन करने वाली महिलाओं का मंच है। इस संगठन की ओर से समय – समय पर राजस्थानी भाषा संबंधी साहित्यिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।
कार्यक्रम की तैयारियों को रालेस की टीम की डॉ. शारदा कृष्ण, मोनिका गौड़, अभिलाषा पाटीक, संतोष चौधरी, डॉ. किरण राजपुरोहित, विमला नागला, सुमन पंवार आदि ने अंतिम रूप दिया ।









