जोधपुर। पेड़ों की अंधाधुंध कटाई से चिंतित होकर, आज मेड़तिया आरोग्य नेचुरल कला केंद्र एवं राष्ट्रीय स्वास्थ्य जागरूकता अभियान जोधपुर ने मुख्य अतिरिक्त जिला कलेक्टर द्वितीय अतिरिक्त जिला कलेक्टर और उप संरक्षक वन विभाग के माध्यम से राजस्थान के मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा को एक ज्ञापन पत्र सौंपा गया है।इस ज्ञापन में ना केवल पेड़ काटने की अपील की गई है। बल्कि पेड़ काटने वालों पर भारी जुर्माना और सख्त सजा की कार्रवाई की मांग की गई है, क्योंकि इसका सीधा असर हमारे स्वास्थ्य और पर्यावरण पर पड़ रहा है।
पेड़ कटाई के गंभीर परिणाम:- पेड़ हमें जीवनदायिनी ऑक्सीजन देते हैं और कार्बन डाइऑक्साइड सोखते हैं। इनके कटने से जलवायु परिवर्तन, प्रदूषण और मिट्टी का कटाव बढ़ता है।
अरावली जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में पेड़ों की कटाई जैव विविधता और वन्यजीवों के आवास को नष्ट कर रही है।
संस्थान के संस्थापक संतु सिंह मेड़तिया ने बताया की ज्ञापन में प्रमुख माँगें रखी गई हैं:
पूर्ण प्रतिबंध: अरावली सहित पूरे राजस्थान में पेड़ कटाई पर तत्काल रोक लगे।
सख्त जुर्माना और सजा :– जो भी पेड़ काटे, उन्हें भारी 1 लाख तक का जुर्माना और कानून के तहत 3 साल की लंबी जेल की सजा मिले।
क्षतिपूर्ति के नियम:- प्रोजेक्ट्स के लिए पेड़ काटने की अनुमति तभी मिले, जब 1 के बदले 10 पेड़ लगाने की शर्त पूरी हो (जैसा कि सरकार विचार कर रही है)।
जन-जागरूकता:- पेड़ बचाने के लिए जन-अभियान चलाया जाए। और मेड़तिया ने यह भी बताया की इस दौरान संस्थान के अध्यक्ष भाविक सिंह,सयोजक एडवोवेट विजय शर्मा,जियो और जीने दो संस्थान के संस्थापक महावीर काकरिया,त्रिपोलिया बाजार संरक्षक वीरेंद्र पटवा एवं अन्य पर्यावरण प्रेमी मौजूद रहे।
“इस ज्ञापन में पर्यावरण कार्यकर्ता और स्थानीय नागरिकों ने भी भाग लिया”।*अरावली और राजस्थान में पेड़ कटाई पर रोक की मांग: मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा के नाम सौंपा ज्ञापन।*










