सोजत। राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय नेहड़ा बेरा में समाज उपयोगी उत्पादकता कार्य शिविर एवं समाजसेवा शिविर के अंतर्गत प्रधानाचार्य दिलीप सैनी के मार्गदर्शन में अनेक गतिविधियों का आयोजन किया गया। शिविर का उद्देश्य विद्यार्थियों में व्यावहारिक कौशल, सृजनशीलता तथा सामाजिक व पर्यावरणीय जागरूकता का विकास करना रहा।
इस अवसर पर प्रधानाचार्य दिलीप सैनी ने कहा कि छात्र–छात्राओं को अपने कौशल का सतत विकास करते हुए अपने भीतर छिपी प्रतिभाओं को पल्लवित करना चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों से अपने आसपास के पर्यावरण के प्रति सजग रहने तथा स्वच्छता व संरक्षण को जीवन का अभिन्न अंग बनाने का आह्वान किया।
शिविर के दौरान छात्र–छात्राओं ने विभिन्न गतिविधियों में उत्साहपूर्वक भाग लिया। बालिकाओं ने उत्कृष्ट रंगोली एवं आकर्षक आकृतियां बनाकर अपनी कला प्रतिभा, सृजनशीलता और रचनात्मक कौशल का प्रभावी प्रदर्शन किया। इस अवसर पर श्रीमती प्रमिला श्रीमाली ने छात्राओं को प्रेरित करते हुए कहा कि घरों एवं आसपास प्लास्टिक कचरा न फैलाएं तथा सार्वजनिक स्थानों पर प्लास्टिक अथवा उसमें शेष खाद्य सामग्री न फेंकें, क्योंकि इससे पर्यावरण प्रदूषण के साथ-साथ गौवंश को भी हानि पहुंचती है।
कार्यक्रम के दौरान प्रमिला श्रीमाली, नीलिमा त्रिपाठी, गणकी चौधरी, गरिमा सहित अन्य अध्यापिकाओं एवं छात्राओं कोमल, कुमकुम, पायल, अक्षरा, लक्षिता, जयश्री, सुहानी, हर्षिता ने बालिकाओं को उत्कृष्ट रंगोली निर्माण एवं रंगों के सामंजस्य की जानकारी दी। वहीं अध्यापक भरत कुमार, जगदीश चंद्र, भूपेंद्र कुमार एवं सुरेश कुमार ने छात्र–छात्राओं को जीवनोपयोगी टिप्स देते हुए ‘कबाड़ से जुगाड़’ की कला सिखाई तथा पर्यावरण संरक्षण एवं मौसम जनित बीमारियों से बचाव के उपाय बताए।
शिविर के अंतर्गत अनेक छात्र–छात्राओं ने रोचक खेलकूद एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों में भाग लेकर अपने खेल कौशल एवं प्रतिभा का प्रभावशाली परिचय दिया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी और शिक्षकों के मार्गदर्शन से शिविर सफल एवं प्रेरणादायी रहा।










