“एक क्लिक… और उड़ गई मेहनत की कमाई!” — वीसोच कॉलेज में साइबर ठगी से बचाव का जागरूकता अभियान सियाट (पाली)। डिजिटल युग में इंटरनेट ने जीवन आसान बना दिया है, लेकिन साइबर अपराधियों ने मेहनत की कमाई पर नज़र गड़ी रखी है। इसी खतरे से बचाने के लिए वीसोच महाविद्यालय, सियाट में मंगलवार को साइबर ठगी जागरूकता अभियान आयोजित किया गया। कार्यक्रम में सोजत रोड पुलिस थाना के सब इंस्पेक्टर राजेन्द्र मीणा, कांस्टेबल राकेश राठौड़ और सुनील कुमार ने छात्रों को जानकारी देते हुए बताया कि ठग कभी बैंक अधिकारी, कभी कस्टमर केयर एजेंट या सरकारी कर्मचारी बनकर ओटीपी, पासवर्ड या लिंक भेजते हैं और एक क्लिक में आपकी कमाई गायब कर देते हैं। उन्होंने कहा कि ठगी का शिकार होने पर तुरंत राष्ट्रीय साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें क्योंकि तीस मिनट के भीतर कार्रवाई संभव है। पुलिस ने छात्रों को यह चेतावनी दी कि अनजान कॉल, मैसेज या ईमेल पर भरोसा न करें, ओटीपी/बैंक डिटेल साझा न करें, संदिग्ध वेबसाइट पर पेमेंट न करें और केवल सुरक्षित साइट (https) का उपयोग करें। महाविद्यालय प्रशासन ने इस पहल को सराहा और साइबर जागरूकता अभियान टीम को धन्यवाद दिया। साथ ही पुलिस ने ट्रैफिक सुरक्षा पर जोर देते हुए कहा कि वाहन चलाते समय हेलमेट पहनें और 18 वर्ष पूर्ण होने पर ही ड्राइविंग लाइसेंस बनवाएँ। उपस्थित विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर साइबर ठगी के नए तरीकों और उनसे बचाव के उपाय सीखे। अंत में पुलिस ने चेतावनी दी कि आज ठग तकनीक से नहीं बल्कि हमारी लापरवाही से जीतते हैं, इसलिए सतर्क रहें और सोच-समझकर क्लिक करें। याद रखिए — एक क्लिक सोच-समझकर करें, क्योंकि यही आपके डिजिटल भविष्य की सुरक्षा की चाबी है और यही संदेश वीसोच महाविद्यालय, सियाट में आयोजित साइबर ठगी जागरूकता अभियान का सार है। सचमुच, क्या आप जानते हैं कि 2024 में साइबर ठगी के लगभग 70% मामले ऐसे थे जहाँ पीड़ित ने एक ही क्लिक में अपनी सुरक्षा को खतरे में डाल दिया था? इसलिए “सुरक्षा एक क्लिक दूर है” — सोच-समझकर क्लिक करना ही आपकी सबसे बड़ी सुरक्षा चाबी है।














