राजस्थान विश्वविद्यालय में RSS के शस्त्र-पूजन कार्यक्रम में हंगामा करने के आरोप में एनएसयूआई प्रदेशाध्यक्ष विनोद जाखड़ समेत 9 आरोपियों की जमानत याचिका खारिज हो गई है। जयपुर महानगर प्रथम की न्यायिक मजिस्ट्रेट दक्षिण कोर्ट ने सुनवाई के दौरान कहा, आरोपियों ने कार्यक्रम स्थल पर मंच का पोडियम गिराया, पोस्टर फाड़े और इस वज से वहां मौजूद लोगों की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंची। इसके अलावा आरोपियों ने पुलिस की गाड़ी की लाइट तोड़कर सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाया और राजकार्य में बाधा पहुंचाई है।
कोर्ट ने कहा कि एनएसयूआई प्रदेशाध्यक्ष विनोद जाखड़ के खिलाफ पूर्व में भी इसी तरह के 6 मामले दर्ज है। इसलिए उन्हें जमानत देना सही नहीं होगा। बचाव पक्ष की ओर से कहा कि पुलिस ने विनोद जाखड़ के साथ अन्य को केवल शांति भंग में गिरफ्तार किया था। लेकिन उन पर गंभीर अपराध के मामले दर्ज बाद में किए गए है।बचाव पक्ष की ओर से दलील में कहा गया कि अभियुक्तों को झूठा फंसाया गया है।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का विजयादशमी उत्सव राजस्थान विश्वविद्यालय परिसर में सम्पन्न हुआ। यह कार्यक्रम संघ के शताब्दी वर्ष के अवसर पर आयोजित किया जिसमें लगभग 600 स्टूडेंट रहे। दोनों संगठनों के कार्यकर्ता आपस में भीड़ गए थे और पुलिस ने बारिश के बीच लाठीचार्ज कर खदेड़ा। इस बीच पुलिस उत्पात मचाने वाले 12 NSUI कार्यकर्ताओं को मौके पर ही हिरासत में लिया गया। पुलिस ने बताया कि NSUI कार्यकर्ता बिना अनुमति परिसर में घुसकर कार्यक्रम में बांधा करने कोशिश कर रहे थे। पुलिस ने स्थिति बेकाबू होते देख लाठीचार्ज किया।










