सोजत में पूर्णाहुति के साथ सात दिवसीय महारुद्र अनुष्ठान महोत्सव संपन्न

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सोजत में पूर्णाहुति के साथ सात दिवसीय

महारुद्र अनुष्ठान महोत्सव संपन्न

रिपोर्टर – नवनीत राय ‘रुचिर’, सोजत 

सोजत। श्रावण मास की पुण्य वेला में शिव आराधना, वैदिक मंत्रोच्चार और श्रद्धा की अविरल धारा से सोजत नगरी को शिवमय करने वाले श्री महारुद्र अनुष्ठान महोत्सव-2026 का बुधवार को पूर्णाहुति एवं संत-ब्राह्मण विदाई के साथ श्रद्धापूर्वक समापन हुआ। श्री मल्केश्वर महादेव मंदिर में श्री मल्केश्वर शिव मंडल एवं नगरवासियों के तत्वावधान में आयोजित इस महोत्सव के दौरान विविध धार्मिक अनुष्ठानों ने सनातन संस्कृति और शिवभक्ति की अनुपम छटा बिखेरी।

महोत्सव का शुभारंभ 20 अगस्त को पंचांग पूजन एवं मंगलाचरण के साथ हुआ। इसके बाद छह दिनों तक भगवान महादेव का अलग-अलग पवित्र द्रव्यों से महाभिषेक किया गया। महोत्सव के प्रमुख आकर्षण के रूप में मंगलवार को उम्मेद गौशाला में पंचकुंडीय श्री महारुद्र यज्ञ आयोजित हुआ। प्रधान यज्ञाचार्य पं. हेमंत तिवारी (बेगू – चित्तौड़गढ़) के सान्निध्य में श्रद्धालुओं ने यज्ञ में आहुतियां देकर सर्वमंगल की कामना की। सायंकाल ‘एक शाम श्री मल्केश्वर महादेव के नाम’ विराट भजन संध्या में भजन गायकों ने शिव महिमा का गुणगान कर वातावरण को भक्तिरस से सराबोर कर दिया।

बुधवार को प्रातः महारुद्र यज्ञ की विधिवत पूर्णाहुति के पश्चात संत एवं ब्राह्मण विदाई की गई। इसके साथ ही छह दिनों से प्रवाहित हो रही धर्म, आस्था और आराधना की इस पुण्य धारा ने विराम लिया। इस अवसर पर महेश्वरी समाज भवन में भामाशाह अनोपसिंह लखावत द्वारा भोजन प्रसादी का आयोजन भी किया गया।

पंडित जगदीश व्यास श्रीमाली, पुजारी प्रदीप दास वैष्णव सहित आयोजकों ने महोत्सव में प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष सहयोग देने वाले श्रद्धालुओं एवं नगरवासियों के प्रति आभार व्यक्त किया। श्रद्धा से आरंभ होकर यज्ञ की पूर्णाहुति तक पहुंचा यह महोत्सव केवल धार्मिक अनुष्ठानों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि सामूहिक आस्था, सनातन संस्कार और सामाजिक सहभागिता का सुंदर संगम बनकर सोजत की धार्मिक स्मृतियों में अपनी छाप छोड़ गया।

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