धर्म कर्म ही अंत में साथ निभाते हैं – अनोपसिंह लखावत

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बासनी तिलवाड़िया में भक्ति और आस्था के वातावरण में संपन्न हुआ भैरूजी मंदिर प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव

धर्म कर्म ही अंत में साथ निभाते हैं – अनोपसिंह लखावत

सोजत ।

सोजत के निकटवर्ती ग्राम बासनी तिलवाड़िया में स्थित भैरूजी मंदिर का प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव शनिवार को श्रद्धा, भक्ति और उल्लासपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ। वैदिक मंत्रोच्चार एवं विधि-विधान के साथ आयोजित इस धार्मिक आयोजन में क्षेत्रभर से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर धर्मलाभ अर्जित किया। पूरे गांव में भक्ति का वातावरण बना रहा तथा मंदिर परिसर को आकर्षक विद्युत सजावट एवं रंग-बिरंगे फूलों से विशेष रूप से सजाया गया।

प्राण-प्रतिष्ठा समारोह में चारण गढ़वी इंटरनेशनल फाउंडेशन के चेयरमैन अनोपसिंह लखावत मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। भामाशाह लखावत ने कहा कि मनुष्य जीवन दुर्लभ होता है, हमें अपने जीवन को सार्थक बनाने हेतु धार्मिक कार्यों में आहुत करना चाहिए। धर्म कर्म ही अंत तक साथ निभाते हैं। आयोजन समिति के प्रमुख प्रवक्ता समाजसेवी मास्टर भंवरलाल भाटी ने बताया कि आयोजक कमेटी द्वारा समारोह में पधारे सभी अतिथियों एवं श्रद्धालुओं का स्वागत करते हुए उनके सहयोग एवं सहभागिता के लिए आभार व्यक्त किया गया।

आयोजन समिति के संरक्षक किशनलाल कच्छवाह, अध्यक्ष हेमाराम भाटी, उपाध्यक्ष राजेंद्र सांखला, सचिव पन्नाराम पंवार, प्रवक्ता भंवरलाल भाटी तथा कोषाध्यक्ष श्रवण पंवार के अथक सहयोग से शनिवार सुबह पंडित पांचाराम जोशी के द्वारा वैदिक रीति-रिवाज एवं मंत्रोच्चार के साथ भैरूजी मंदिर की प्राण-प्रतिष्ठा संपन्न कराई गई। धार्मिक अनुष्ठानों के दौरान श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना कर सुख-समृद्धि एवं क्षेत्र की खुशहाली की कामना की।

प्रातः महाआरती के बाद विशाल महाप्रसादी का आयोजन किया गया, जिसमें आसपास के गांवों सहित दूर-दराज़ क्षेत्रों से आए हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। पूरे आयोजन के दौरान श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिला तथा आयोजन समिति के सदस्यों ने व्यवस्थाओं का सफल संचालन कर समारोह को भव्य एवं सुव्यवस्थित रूप प्रदान किया। आयोजन के सफल समापन पर समिति ने सभी श्रद्धालुओं, सहयोगियों एवं ग्रामीणों का आभार व्यक्त किया।

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