मरणोपरांत नेत्रदान कर अमर हुए नरपतराज मुणोत, दो जरूरतमंदों के जीवन में आएगा उजियारा

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मरणोपरांत नेत्रदान कर अमर हुए नरपतराज मुणोत, दो जरूरतमंदों के जीवन में आएगा उजियारा

रिपोर्टर – नवनीत राय ‘रुचिर’, सोजत

 

सोजत। मृत्यु के बाद भी किसी के जीवन में रोशनी भरने से बड़ा पुण्य शायद ही कोई हो। इसी मानव सेवा की भावना को साकार करते हुए सोजत सेवा मंडल की प्रेरणा से मुणोतों के बास, सोजत सिटी के निवासी नरपतराज मुणोत का मरणोपरांत नेत्रदान किया गया। उनके इस महादान से दो जरूरतमंद लोगों के जीवन में नेत्र ज्योति लौटने की उम्मीद जगी है।

सोजत सेवा मंडल के मंत्री समाजसेवी पुष्पतराज मुणोत एवं मेंहदी व्यापारी ताराचंद टाक के अथक प्रयासों तथा आई बैंक सोसायटी ऑफ राजस्थान चैप्टर पाली के सहयोग से नेत्रदान की प्रक्रिया संपन्न हुई। सेवानिवृत्त बैंक अधिकारी नरपतराज मुणोत के निधन के बाद उनके भाई लखपतराज मुणोत एवं दलपतराज मुणोत ने आपसी सहमति से नेत्रदान का प्रेरणादायी निर्णय लिया। परिवार की सहमति के पश्चात नेत्र टेक्नीशियन रईस खान द्वारा नेत्रदान की आवश्यक प्रक्रिया पूरी की गई।

दान किए गए नेत्रों को आई बैंक चैप्टर पाली के समाजसेवी केवलचंद कवाड़, भंवरलाल सेमलानी, महेन्द्र मेहता (सोजत), हुकमीचंद मेहता एवं हेमंत चौपड़ा के माध्यम से जयपुर भिजवाया गया। इन नेत्रों के प्रत्यारोपण से दो जरूरतमंदों के जीवन में रोशनी आने की संभावना है।

सोजत सेवा मंडल ने परिवार के इस निर्णय को मानवता के लिए अनुकरणीय बताते हुए कहा कि मरणोपरांत नेत्रदान कर नरपतराज मुणोत ने समाज के समक्ष सेवा और परोपकार का प्रेरक उदाहरण प्रस्तुत किया है। उनका यह महादान न केवल उनकी स्मृतियों को चिरस्थायी बनाएगा, बल्कि अन्य लोगों को भी नेत्रदान के लिए प्रेरित करेगा।

इस अवसर पर सोजत सेवा मंडल उपाध्यक्ष देवीलाल सांखला, हरिनारायण पाराशर, युवा उद्यमी संजय संचेती, राजेश भंडारी, महावीर श्रीश्रीमाल सहित मुणोत परिवार व अन्य परिचित लोग उपस्थित रहे।

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