सोजत उप कारागृह में सजी स्नेह की डोर, ब्रह्माकुमारी बहनों ने कैदियों की कलाई पर बांधा रक्षासूत्र
रिपोर्टर – नवनीत राय ‘रुचिर’, सोजत
सोजत। रक्षाबंधन के पावन पर्व पर शुक्रवार को सोजत उप कारागृह की सलाखों के बीच भी भाई-बहन के पवित्र रिश्ते की मिठास घुली। ब्रह्माकुमारी संस्थान की आरती बहन एवं कविता बहन ने उप कारागृह पहुंचकर बंदियों की कलाई पर स्नेह और विश्वास का रक्षासूत्र बांधा। इस आत्मीय पहल ने कुछ पलों के लिए कारागृह के वातावरण को भावनाओं और अपनत्व से भर दिया। बहनों ने अलग-अलग शुभ मुहूर्त में बंदियों को राखी बांधकर उनके जीवन में सुख, शांति और सकारात्मक परिवर्तन की कामना की। साथ ही उन्हें प्रेरणादायी साहित्य भेंट कर जीवन को नई दृष्टि से देखने का संदेश दिया।
जेलर धर्मपाल डूडी की अगुवाई में आयोजित विशेष प्रवचन में ब्रह्माकुमारी बहनों ने कहा कि मनुष्य का अतीत चाहे जैसा रहा हो, पश्चाताप, आत्मचिंतन और सद्कर्मों के उजाले से भविष्य की राह संवारी जा सकती है। उन्होंने बंदियों को बीती गलतियों से सीख लेकर उन्हें पीछे छोड़ने तथा अच्छे आचरण, सद्विचार और सेवा भाव के साथ जीवन की नई शुरुआत करने की प्रेरणा दी।
रक्षाबंधन का यह आयोजन महज कलाई पर राखी बांधने की रस्म तक सीमित नहीं रहा, बल्कि सुधार, सद्भाव और आत्मिक परिवर्तन की नई उम्मीद का संदेश भी दे गया। सलाखों के भीतर बंधा यह रक्षासूत्र मानो बंदियों को यह विश्वास दिला गया कि गलती के बाद भी सुधार और बेहतर जीवन की राह हमेशा खुली रहती है।










