नेपाल में भीषण फ्लैश फ्लड से भारी तबाही, 162 लोगों की मौत; सैकड़ों लापता

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काठमांडू, 27 अगस्त 2026। नेपाल में बुधवार सुबह आई भीषण फ्लैश फ्लड ने बड़े पैमाने पर तबाही मचा दी। नेपाल पुलिस के ताजा आंकड़ों के अनुसार अब तक 162 लोगों के शव बरामद किए जा चुके हैं। कई लोग अभी भी लापता हैं और राहत एवं बचाव अभियान लगातार जारी है।

अचानक आई बाढ़ ने मचाई तबाही

यह आपदा नेपाल के उत्तरी रासुवा जिले में भोटेकोशी नदी के क्षेत्र से शुरू हुई। बाढ़ का पानी बेहद तेजी से नीचे की ओर बढ़ा और नदी किनारे बसे इलाकों, सड़कों, पुलों तथा कई महत्वपूर्ण ढांचों को अपनी चपेट में ले लिया। रासुवा के टिमुरे और आसपास के क्षेत्रों में भारी नुकसान की सूचना है।

प्रारंभिक जांच के अनुसार बाढ़ का संभावित कारण नेपाल-चीन सीमा के पास नदी के ऊपरी हिस्से में हुआ बर्फ और चट्टानों का बड़ा हिमस्खलन बताया गया है। इससे नदी का प्रवाह अचानक बाधित हुआ और बाद में बड़ी मात्रा में पानी और मलबा नीचे की ओर तेजी से बहा।

कई जिलों में मिले शव

नेपाल पुलिस के अनुसार बरामद शव अलग-अलग जिलों से मिले हैं। इनमें चितवन में 64, धादिंग में 27, गोरखा में 20, नवलपरासी पूर्व में 26, नुवाकोट में 12, तनाहुन में 9 और रासुवा में 2 शव शामिल हैं। इसके अलावा नवलपरासी पश्चिम में भी शव बरामद हुए हैं।

सड़क और पुल भी बहे

बाढ़ से परिवहन व्यवस्था को भी बड़ा नुकसान पहुंचा है। प्रारंभिक रिपोर्टों के मुताबिक करीब 19 मोटर योग्य पुल और लगभग 40 किलोमीटर सड़क बह गई है। कई इलाकों का संपर्क टूट गया है, जिससे राहत दलों को प्रभावित क्षेत्रों तक पहुंचने में कठिनाई हो रही है।

बाढ़ से जलविद्युत परियोजनाओं और अन्य महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे को भी नुकसान पहुंचा है। नुकसान का पूरा आकलन अभी किया जा रहा है।

बचाव अभियान तेज

नेपाल सेना, नेपाल पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियों ने बड़े स्तर पर खोज एवं बचाव अभियान शुरू किया है। हेलीकॉप्टरों और ड्रोन की मदद से लापता लोगों की तलाश की जा रही है। कई लोगों को हेलीकॉप्टर के जरिए सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया गया है।

अधिकारियों ने भोटेकोशी और आसपास की नदियों के किनारे रहने वाले लोगों से सतर्क रहने की अपील की है, क्योंकि बाढ़ और भूस्खलन का खतरा अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है।

भारत समेत कई देशों ने मदद की पेशकश

नेपाल में हुई इस बड़ी प्राकृतिक आपदा के बाद भारत, चीन और अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं ने राहत, बचाव और पुनर्निर्माण में सहायता के लिए कदम उठाए हैं। प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने और जरूरी राहत सामग्री उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है।

राहत और बचाव कार्य जारी

अधिकारियों का कहना है कि अभी भी कई लोगों का पता नहीं चल पाया है। इसलिए मृतकों की संख्या और नुकसान का आंकड़ा आगे बढ़ सकता है। प्रशासन की प्राथमिकता लापता लोगों को ढूंढना, घायलों का इलाज कराना और प्रभावित परिवारों तक राहत पहुंचाना है।

नेपाल की यह प्राकृतिक आपदा हाल के वर्षों की सबसे गंभीर आपदाओं में से एक बन गई है। राहत एवं बचाव अभियान जारी है और प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।

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