सोजत में चौबीस घंटे खुलेगा ट्रॉमा सेंटर, मगर सुविधाओं का ‘इलाज’ अभी बाकी
विशेष चिकित्सक और जरूरी उपकरणों का अभाव, महज समय बढ़ाने से कैसे मिलेगी गंभीर मरीजों को राहत?

रिपोर्टर – नवनीत राय ‘रुचिर’, सोजत
सोजत। राजकीय चिकित्सालय का ट्रॉमा सेंटर अब चौबीस घंटे खुला रहेगा। जनहित की दृष्टि से अस्पताल प्रशासन का यह निर्णय राहत भरा जरूर है, लेकिन ट्रॉमा सेंटर में विशेष चिकित्सक और आवश्यक चिकित्सा उपकरणों का अभाव इस राहत पर सवाल खड़े कर रहा है। ऐसे में केवल संचालन का समय बढ़ा देने से गंभीर एवं दुर्घटनाग्रस्त मरीजों को कितना लाभ मिल पाएगा, यह बड़ा प्रश्न है।
चिकित्सा अधिकारी डॉ. राजेश गुप्ता के अनुसार ट्रॉमा सेंटर पहले केवल ओपीडी समय के बाद संचालित होता था। अब जनहित को ध्यान में रखते हुए इसे चौबीस घंटे संचालित करने का निर्णय लिया गया है। इससे किसी भी समय आने वाले मरीजों के लिए ट्रॉमा सेंटर के द्वार खुले रहेंगे।
वहीं प्राप्त जानकारी के अनुसार फिलहाल ट्रॉमा सेंटर में ट्रॉमा चिकित्सा के लिए कोई विशेष चिकित्सक नियुक्त नहीं हैं और न ही अपेक्षित विशेष उपकरण उपलब्ध हैं। ऐसे में दुर्घटना अथवा गंभीर स्थिति में पहुंचने वाले मरीजों को समुचित उपचार उपलब्ध कराने की व्यवस्था पर प्रश्नचिह्न बना हुआ है।
क्षेत्रवासियों के लिए ट्रॉमा सेंटर का चौबीस घंटे खुलना तभी वास्तविक राहत साबित हो सकेगा, जब यहां पर्याप्त चिकित्सकीय स्टाफ, विशेषज्ञ चिकित्सक और जरूरी आधुनिक उपकरण भी उपलब्ध कराए जाएं। दरवाजे चौबीस घंटे खुले रहने के साथ उपचार की सुविधाएं भी चौबीस घंटे सक्षम हों, तभी ट्रॉमा सेंटर की सार्थकता सिद्ध होगी।









