सोजत में बुढ़ायत माता मंदिर पाटोत्सव को लेकर तैयारियां तेज, श्रद्धालुओं को बांटे निमंत्रण पत्र
सोजत।
शक्ति एवं भक्ति की अधिष्ठात्री बुढ़ायत माता मंदिर, लुंडावास (सोजत) में 28 जुलाई को आयोजित होने वाले पाटोत्सव एवं श्रीमाली ब्राह्मण समाज के पांच दिवसीय गुरु पूर्णिमा महाकुंभ की तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच गई हैं। आयोजन को लेकर शुक्रवार को विभिन्न गणमान्य नागरिकों एवं प्रशासनिक अधिकारियों को निमंत्रण पत्र वितरित कर कार्यक्रम में सपरिवार पधारने का आग्रह किया गया।
समाजसेवी चेतन व्यास, माधव शास्त्री, धीरेन्द्र व्यास एवं सुदीप व्यास ने पूर्व कैबिनेट मंत्री लक्ष्मीनारायण दवे, उपखंड अधिकारी रवि प्रकाश, तहसीलदार कूप सिंह पंवार, पुलिस उपाधीक्षक रतनाराम देवासी, अखिल भारतीय श्री गुरु फूलनारायण आश्रम न्यास के अध्यक्ष सुरेंद्र त्रिवेदी सहित अनेक गणमान्य व्यक्तियों को निमंत्रण पत्र भेंट किए। इससे पूर्व मंदिर व्यवस्था समिति के अध्यक्ष जितेंद्र व्यास, पूर्व अध्यक्ष हितेंद्र व्यास एवं सचिव चंद्रशेखर श्रीमाली ने भी विभिन्न क्षेत्रों में जाकर श्रद्धालुओं को आमंत्रित किया।
आश्रम न्यास अध्यक्ष सुरेंद्र त्रिवेदी ने बताया कि प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी 25 से 29 जुलाई तक गुरु पूर्णिमा महोत्सव श्रद्धा, भक्ति एवं धार्मिक उल्लास के साथ मनाया जाएगा। पांच दिवसीय महाकुंभ का शुभारंभ 25 जुलाई को एकादशी के अवसर पर होगा। जिसके प्रसादी के लाभार्थी नरेंद्र कुमार, सुरेंद्र कुमार, राजेंद्र भंवरलाल व्यास, अभिषेक, प्रियांशु, परिवेश व्यास जैतारण होंगे। द्वादशी 26 जुलाई के प्रसादी लाभार्थी राजेंद्र प्रसाद पृथ्वीराज दवे, श्रीमती शीला देवी रोहट होंगे। त्रयोदशी 27 जुलाई को प्रसादी लाभार्थी शांति देवी पत्नी संपतलाल दवे, तेजप्रकाश, हरिइच्छा सौरभ दवे, सीमा प्रेमप्रकाश दवे घाणेराव बैंगलुरु होंगे। मंदिर व्यवस्था समिति के अध्यक्ष जितेंद्र व्यास एवं पूर्व अध्यक्ष हितेंद्र व्यास ने बताया कि 27 जुलाई की रात्रि को बुढ़ायत माता मंदिर परिसर में भव्य जागरण का आयोजन होगा, जबकि चतुर्दशी 28 जुलाई को प्रसादी लाभार्थी आनंदीलाल दवे, प्रमुख समाजसेवी चिरंजीलाल कांतिलाल दवे, जालौर होंगे। गुरुपूर्णिमा 29 जुलाई महाप्रसादी के लाभार्थी प्रभाकर लाल, त्रिभुवन लाल बोहरा पुत्र सोहनलाल बोहरा, महेंद्र बोहरा जोधपुर होंगे।
महिला मंडल की अध्यक्ष श्रीमती सुनीता व्यास ने हेमलता श्रीमाली, प्रमिला श्रीमाली, सीमा व्यास एवं नीलू व्यास के साथ बताया कि महोत्सव के दौरान महिलाओं एवं बालिकाओं के लिए महिला सशक्तिकरण, सांस्कृतिक जागरूकता, अभिव्यक्ति कौशल तथा रचनात्मक प्रतिभा विकास से जुड़े सामूहिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे।
पाटोत्सव श्रद्धा एवं पारंपरिक विधि-विधान से संपन्न होगा। इस दौरान प्रतिदिन धार्मिक अनुष्ठान, यज्ञ-हवन, रुद्राभिषेक, भजन-कीर्तन, महाप्रसादी सहित विविध आध्यात्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। समाजजन एवं आयोजन समिति ने सभी श्रद्धालुओं से अधिकाधिक संख्या में उपस्थित होकर धर्म, संस्कृति और सामाजिक एकता के इस महापर्व को सफल बनाने का आह्वान किया।







