Day: July 17, 2026

उपचार ने लौटाई मुस्कान : चिकित्सकों की सजगता से सुरक्षित मातृत्व का प्रेरक उदाहरण सोजत। चिकित्सा केवल रोग का उपचार नहीं, बल्कि जीवन में आशा और विश्वास का संचार भी करती है। सोजत जिला अस्पताल में ऐसा ही एक प्रेरणादायी उदाहरण सामने आया, जहाँ चिकित्सकों की तत्परता, अनुभव और समर्पण ने एक अत्यंत जोखिमपूर्ण गर्भावस्था को सुरक्षित मातृत्व की सुखद कहानी में बदल दिया। लुंडावास निवासी संतोष की गर्भावस्था गंभीर एनीमिया के कारण अत्यधिक जोखिमपूर्ण थी। उनका हीमोग्लोबिन स्तर मात्र 7.7 ग्राम प्रति डेसीलीटर होने से माँ और गर्भस्थ शिशु दोनों के जीवन पर खतरा मंडरा रहा था। चिकित्सा दल ने समय रहते एफसीएम इंजेक्शन सहित आवश्यक उपचार प्रारंभ किया तथा निरंतर निगरानी रखी। परिणामस्वरूप हीमोग्लोबिन बढ़कर 10.4 ग्राम प्रति डेसीलीटर तक पहुँच गया, जिससे सुरक्षित प्रसव का मार्ग प्रशस्त हुआ। वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. अशोक गहलोत के नेतृत्व में चिकित्सा टीम ने पूरी सावधानी और कुशलता के साथ सफल सामान्य प्रसव कराया। नवजात की पहली किलकारी गूँजते ही अस्पताल परिसर में खुशी का वातावरण छा गया। चिकित्सकों ने बताया कि माँ और नवजात दोनों पूर्णतः स्वस्थ एवं सुरक्षित हैं। अस्पताल प्रशासक डॉ. राजेश गुप्ता के अनुसार संतोष पहले से चार बच्चों की माँ हैं और यह उनका पाँचवाँ प्रसव था। गंभीर एनीमिया के कारण यह गर्भावस्था चुनौतीपूर्ण थी, किंतु समय पर उपचार, सतत निगरानी और स्वास्थ्यकर्मियों की निष्ठा ने एक बार फिर सिद्ध कर दिया कि समर्पित चिकित्सा सेवा अनेक परिवारों के जीवन में नई उम्मीद और मुस्कान का संचार करती है। इस सफल उपचार में डॉ. पुष्पेंद्र सिंह, डॉ. हिमांशी, नर्सिंग अधिकारी स्मिता, शंभू दयाल, सरोज, अनीता, अंजना तथा लेबर रूम के समस्त स्टाफ की सराहनीय भूमिका रही, जिनके समन्वित प्रयासों ने संभावित संकट को सुखद परिणाम में परिवर्तित कर दिया।