सोजत महाविद्यालय के समग्र विकास को लेकर एबीवीपी ने दिया धरना,
पूर्ण मांगे नहीं माने जाने पर कार्यकर्ता बैठे अनिश्चितकालीन धरने पर

सोजत। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) सोजत नगर इकाई ने बुधवार को राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, सोजत की शैक्षणिक गुणवत्ता, आधारभूत सुविधाओं तथा छात्रहित से जुड़े विभिन्न मुद्दों के समाधान को लेकर जनप्रतिनिधियों एवं प्रशासन के नाम 11 सूत्रीय मांग-पत्र सौंपा। परिषद ने महाविद्यालय के समग्र विकास के लिए शीघ्र एवं समयबद्ध कार्रवाई की मांग करते हुए दिनभर धरना देकर प्रदर्शन किया। कॉलेज प्रशासक प्राचार्य महेन्द्रसिंह राजपुरोहित द्वारा समझाइश कर कुछ मांगे मानने पर सहमति जताई। किंतु सभी मांगे नहीं माने जाने पर एबीवीपी ने शाम को अनिश्चितकालीन हड़ताल आरम्भ की।

एबीवीपी के जिला संयोजक हितेश राठौड़, विभाग संयोजक अभिषेक मेवाड़ा, संयोजक हितेश सोलंकी, नगर सह मंत्री सानिया बानो, प्रांत सोशल मीडिया सह संयोजक निखिल मेवाड़ा, नगर मंत्री राहुल राजपुरोहित सहित सभी कार्यकर्ताओं का कहना है कि लंबे समय से बकाया समस्याओं के कारण विद्यार्थियों को अनेक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। धरना प्रदर्शन के बाद भी पूरी मांगों पर प्रशासन द्वारा आश्वासन नहीं दिए जाने पर आखिरकार हमें अनिश्चितकालीन हड़ताल आरम्भ करनी पड़ रही है।

मांग-पत्र में महाविद्यालय में रिक्त शैक्षणिक एवं गैर-शैक्षणिक पदों पर नियमित नियुक्तियां करने, पूर्ण चारदीवारी का र्निर्माण, मुख्य प्रवेश द्वार का निर्माण, जर्जर भवनों का तकनीकी परीक्षण कर पुनर्निर्माण, स्नातकोत्तर स्तर पर एम.ए. भूगोल एवं एम.एससी. कक्षाएं प्रारंभ करने, एनसीसी इकाई स्थापित करने तथा वर्षा ऋतु में होने वाले जलभराव की स्थायी समस्या के समाधान की मांग प्रमुखता से उठाई गई। इसके अतिरिक्त विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास को ध्यान में रखते हुए खेल सुविधाओं का विस्तार, आधुनिक इंडोर स्पोर्ट्स हॉल का निर्माण तथा राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय एवं आई माता राजकीय कन्या महाविद्यालय परिसर में आवश्यक मरम्मत एवं रखरखाव कार्य शीघ्र करवाने की भी मांग की गई।

विद्यार्थी परिषद ने कहा कि प्रस्तुत मांगें छात्रहित, गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा और क्षेत्र के शैक्षणिक विकास को ध्यान में रखकर रखी गई हैं। परिषद ने प्रशासन से आग्रह किया कि सभी मांगों पर प्राथमिकता के आधार पर सकारात्मक निर्णय लेकर शीघ्र कार्यवाही सुनिश्चित की जाए। परिषद ने स्पष्ट किया कि यदि निर्धारित समय में मांगों पर ठोस एवं संतोषजनक कार्रवाई नहीं की गई, तो छात्रहित में लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण जनआंदोलन को विशाल रूप दिया जाएगा। छात्र नेता अभिषेक मेवाड़ा ने विश्वास व्यक्त किया कि जनप्रतिनिधि एवं प्रशासन विद्यार्थियों के भविष्य को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए महाविद्यालय के विकास के लिए आवश्यक कदम उठाएंगे।









