सावन 2026 का पावन माह आज से प्रारंभ, शिवालयों में गूंजे ‘हर-हर महादेव’ के जयकारे

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

गवान शिव की आराधना और भक्ति का पवित्र महीना श्रावण (सावन) आज से पूरे देशभर में श्रद्धा, आस्था और उत्साह के साथ प्रारंभ हो गया। सावन के प्रथम दिन सुबह ब्रह्म मुहूर्त से ही शिव मंदिरों में श्रद्धालुओं की लंबी कतारें देखने को मिलीं। भक्तों ने भगवान भोलेनाथ का जल, दूध, दही, शहद, घी, गंगाजल, बेलपत्र, धतूरा, भांग, पुष्प एवं मौसमी फलों से विधिवत अभिषेक कर सुख-समृद्धि, उत्तम स्वास्थ्य एवं परिवार की खुशहाली की कामना की।

सावन माह का हिंदू धर्म में विशेष महत्व माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार समुद्र मंथन के दौरान निकले विष को भगवान शिव ने अपने कंठ में धारण कर समस्त सृष्टि की रक्षा की थी। इसी कारण उन्हें नीलकंठ के नाम से भी जाना जाता है। मान्यता है कि सावन माह में भगवान शिव की सच्चे मन से पूजा-अर्चना करने वाले भक्तों की सभी मनोकामनाएँ पूर्ण होती हैं तथा जीवन में आने वाले संकट दूर होते हैं।

पहले दिन मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना, रुद्राभिषेक, महामृत्युंजय मंत्र जाप, शिव चालीसा एवं शिव महिम्न स्तोत्र का पाठ किया गया। कई स्थानों पर भजन-कीर्तन, धार्मिक प्रवचन तथा सामूहिक आरती का आयोजन भी हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया। महिलाओं, युवाओं और बच्चों में भी सावन को लेकर विशेष उत्साह देखने को मिला। कई श्रद्धालुओं ने पूरे सावन माह तक सोमवार का व्रत रखने का संकल्प लिया।

सावन के आगमन के साथ ही कांवड़ यात्रा का भी शुभारंभ हो गया है। शिवभक्त विभिन्न पवित्र नदियों और तीर्थस्थलों से जल लेकर पैदल यात्रा करते हुए अपने-अपने क्षेत्रों के शिवालयों में भगवान शिव का जलाभिषेक करेंगे। इस दौरान प्रशासन द्वारा सुरक्षा, चिकित्सा, पेयजल, यातायात एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं के व्यापक इंतजाम किए गए हैं ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

इस वर्ष सावन माह में आने वाले सभी सोमवार विशेष रूप से शुभ माने जा रहे हैं। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार सावन सोमवार के दिन व्रत रखकर भगवान शिव और माता पार्वती की विधिपूर्वक पूजा करने से वैवाहिक जीवन में सुख-शांति बनी रहती है तथा अविवाहित युवक-युवतियों को मनचाहा जीवनसाथी प्राप्त होने का आशीर्वाद मिलता है। व्यापार, शिक्षा, नौकरी और स्वास्थ्य संबंधी बाधाओं से मुक्ति के लिए भी इस माह की पूजा अत्यंत फलदायी मानी जाती है।

स्थानीय शिव मंदिरों में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ लगी रही। मंदिर समितियों ने दर्शन के लिए अलग-अलग कतारें, पेयजल, प्रसाद वितरण तथा स्वच्छता की विशेष व्यवस्था की। स्वयंसेवकों ने श्रद्धालुओं की सहायता करते हुए मंदिर परिसर में अनुशासन बनाए रखा। शाम के समय महाआरती एवं भजन संध्या का आयोजन किया जाएगा, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है।

धार्मिक विद्वानों का कहना है कि सावन केवल पूजा-अर्चना का ही नहीं, बल्कि प्रकृति के संरक्षण, संयम, सेवा और आध्यात्मिक साधना का भी संदेश देता है। इस पावन माह में लोग वृक्षारोपण, गौसेवा, दान-पुण्य तथा जरूरतमंदों की सहायता जैसे पुण्य कार्य भी करते हैं।

सावन के शुभारंभ के साथ ही पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया है। मंदिरों में “ॐ नमः शिवाय”, “बोल बम” और “हर-हर महादेव” के जयघोष लगातार गूंज रहे हैं। श्रद्धालुओं का विश्वास है कि भगवान भोलेनाथ की कृपा से यह पावन माह सभी के जीवन में सुख, शांति, समृद्धि और मंगल लेकर आएगा।

जय भोलेनाथ! हर-हर महादेव!

ARVIND KUMAR
Author: ARVIND KUMAR

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *