गुरु पूर्णिमा का पावन पर्व बुधवार को क्षेत्रभर में श्रद्धा, भक्ति एवं उत्साह के साथ मनाया गया। विभिन्न मंदिरों, आश्रमों, विद्यालयों एवं शिक्षण संस्थानों में गुरुजनों का सम्मान कर उनके प्रति कृतज्ञता व्यक्त की गई। इस अवसर पर विद्यार्थियों ने अपने शिक्षकों का तिलक लगाकर, पुष्पमाला पहनाकर एवं स्मृति-चिन्ह भेंट कर आशीर्वाद प्राप्त किया।
धार्मिक स्थलों पर विशेष पूजा-अर्चना, भजन-कीर्तन एवं सत्संग का आयोजन किया गया। श्रद्धालुओं ने महर्षि वेदव्यास का स्मरण करते हुए उन्हें नमन किया। वक्ताओं ने कहा कि गुरु पूर्णिमा केवल एक धार्मिक पर्व नहीं, बल्कि ज्ञान, संस्कार एवं जीवन मूल्यों के प्रति सम्मान प्रकट करने का अवसर है। गुरु ही व्यक्ति के जीवन से अज्ञान का अंधकार दूर कर ज्ञान का प्रकाश फैलाते हैं।
विद्यालयों में आयोजित कार्यक्रमों में विद्यार्थियों ने गुरु महिमा पर कविता, भाषण एवं सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ दीं। शिक्षकों ने विद्यार्थियों को सदाचार, अनुशासन एवं निरंतर अध्ययन का संदेश दिया।
गुरु पूर्णिमा के अवसर पर अनेक लोगों ने अपने गुरुजनों एवं वरिष्ठों का आशीर्वाद लेकर उनके प्रति सम्मान और आभार व्यक्त किया। पूरे दिन धार्मिक एवं आध्यात्मिक वातावरण बना रहा। गुरु पूर्णिमा महर्षि वेदव्यास की जयंती के रूप में भी मनाई जाती है और भारतीय परंपरा में इसका विशेष महत्व माना जाता है।









